Follow Us:

सरकारी नौकरी में दिव्यांगजनों का आरक्षण 4% हुआ: मल्लिका नड्डा


सरकारी नौकरी में दिव्यांगजनों का आरक्षण बढ़कर 4% हुआ
दिव्यांगजनों को अब दिव्य शक्ति से परिपूर्ण व्यक्ति के रूप में देखा जाता है
स्पेशल ओलंपिक्स कार्यक्रम में 27 दिव्यांगजनों को किया गया सम्मानित



सोलन, 4 अक्तूबर। सेवा पखवाड़ा के तहत भाजपा द्वारा स्पेशल ओलंपिक्स और रोशनी संस्थान की ओर से नगर निगम हॉल ठोड़ो ग्राउंड में दिव्यांगजन एवं विशिष्ट व्यक्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. मल्लिका नड्डा, अध्यक्ष स्पेशल ओलंपिक्स भारत, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और संयोजक प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल रहे।

समारोह में बोलते हुए डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “सक्षम भारत, समृद्ध भारत” की सोच के साथ विकलांगता की परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया है। अब दिव्यांगजन समाज में दिव्य शक्ति से परिपूर्ण व्यक्ति के रूप में देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक या सात दिन की पहल नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और सम्मान के लिए प्रतिदिन प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश की 5% आबादी दिव्यांगजन हैं — भारत में लगभग 7 करोड़ और हिमाचल प्रदेश में 3.50 लाख दिव्यांगजन हैं। महिला मोर्चा और युवा मोर्चा से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक करने और शोषण रोकने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

मल्लिका नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) लागू किया, जिसके अंतर्गत 21 प्रकार की दिव्यांगताएं सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिव्यांगजनों को शिक्षा में 3% आरक्षण मिलता था, जिसे बढ़ाकर 5% किया गया है, जबकि सरकारी नौकरी में 3% आरक्षण को बढ़ाकर 4% कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 18 वर्ष तक मुफ्त शिक्षा, 40% से अधिक दिव्यांगता वालों के लिए पेंशन, और स्पेशल ओलंपिक्स एथलीटों के लिए नकद पुरस्कार की व्यवस्था की गई है — जिसमें गोल्ड मेडलिस्ट को 20 लाख, सिल्वर मेडलिस्ट को 14 लाख और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को 8 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं।

समारोह में कुल 27 दिव्यांगजनों को सम्मानित किया गया। बिलासपुर के दीपक (स्कीइंग गोल्ड), शिव और शालिनी, ऊना की अंचल, कुल्लू के गिरधन (सिंकिंग गोल्ड), सोलन के अभिशेष, रिया, अविनाश, भाविक, अमन रघुवंशी और प्रवण, कांगड़ा के आकृति, अरविंद, डिम्पल, रोहित, अनु और निखिल, तथा शिमला की हर्षिता और अक्षय नेगी को डॉ. मल्लिका नड्डा और डॉ. राजीव बिंदल ने सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि समाज की समरसता का प्रतीक है। मोदी सरकार की नीतियां सुनिश्चित कर रही हैं कि दिव्यांगजन भी राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा में शामिल हों।